क्यों एक महिला के कहने पर यमराज ने लिए थे मगरमच्छ के प्राण ?

धर्म-पंचैत

धर्म डेस्क।

करवा चौथ इस त्यौहार में पति-पत्नी और पत्नी-पति के लिए यह व्रत ऱखते हैं। जहां सुहागन स्त्रियां अपने पति और रिश्ते की सलामती के लिए यह व्रत रखेंगी। वहीं कुंवारी कन्याएं मनोनुकूल पति की प्राप्ति के लिए इस दिन निर्जला व्रत रखकर तारे को देखेंगी फिर व्रत खोलेंगी।

कहते हैं कि प्रेम का धागा कच्चा होता है लेकिन इसकी पकड़ इतनी मजबूत होती है कि यमराज से भी अपने पति के प्राण वापस ले आती है। इस प्यारे के धागे में प्रेम और विश्वास के मोती इस धागे को और भी प्यारा बना देते हैं। इसमें दिमाग नहीं सिर्फ दिल की चलती है तभी तो किसी शायर ने कहा है कि-

इश्क़ नाज़ुक-मिज़ाज है बेहद
अक़्ल का बोझ उठा नहीं सकता

कुछ यूं है उस स्त्री की कहानी

एक देवी करवा अपने पति के साथ तुंगभद्रा नदी के पास रहती थीं। एक दिन करवा के पति नदी में स्नान करने गए तो एक मगरमच्छ ने उनका पैर पकड़ लिया और नदी में खिंचने लगा। मृत्यु करीब देखकर करवा के पति करवा को पुकारने लगे। करवा दौड़कर नदी के पास पहुंचीं और पति को मृत्यु के मुंह में ले जाते मगर को देखा। करवा ने तुरंत एक कच्चा धागा लेकर मगरमच्छ को एक पेड़ से बांध दिया। करवा के सतीत्व के कारण मगरमच्छा कच्चे धागे में ऐसा बंधा की टस से मस नहीं हो पा रहा था। करवा के पति और मगरमच्छ दोनों के प्राण संकट में फंसे थे।

करवा ने यमराज को पुकारा और अपने पति को जीवनदान देने और मगरमच्छ को मृत्युदंड देने के लिए कहा। यमराज ने कहा मैं ऐसा नहीं कर सकता क्योंकि अभी मगरमच्छ की आयु शेष है और तुम्हारे पति की आयु पूरी हो चुकी है। क्रोधित होकर करवा ने यमराज से कहा, अगर आपने ऐसा नहीं किया तो मैं आपको शाप दे दूंगी। सती के शाप से भयभीत होकर यमराज ने तुरंत मगरमच्छ को यमलोक भेज दिया और करवा के पति को जीवनदान दिया।

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इसलिए करवाचौथ के व्रत में सुहागन स्त्रियां करवा माता से प्रार्थना करती हैं कि हे करवा माता जैसे आपने अपने पति को मृत्यु के मुंह से वापस निकाल लिया वैसे ही मेरे सुहाग की भी रक्षा करना। इसलिए करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है अर्घ्यकरवा माता की तरह सावित्री ने भी कच्चे धागे से अपने पति को वट वृक्ष के नीचे लपेट कर रख था।

इस कच्चे धागे में प्रेम और विश्वास के मोती ने करवा के पति के प्राण बचा लिए, उसी तरह इस करवा अपनी पति या पत्नी को अपने प्रेम और विश्वास के धागे से ऐसा बांधे कि वो कई जन्मों तक आपकी बनी रहे।


 

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