पानी बहाएंगे, गंगा मैली बनाएंगे फिर बताओ कैसे ठेठ कानपुरिया कहलाएंगे ?

जिया खिलाड़ी

कानपुर के गंगा घाट की ग्राउंड लेवल रिपोर्ट

कानपुर डेस्क। कानपुर जिसका नाम हमेशा किसी न किसी पंचैत को लेकर खबरों में रहता है, कभी गंगा सफाई को लेकर तो कभी किसी नेता के भौकाल की वजह से। लेकिन इस बार का मुद्दा नेता नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट नमामि गंगे और स्वच्छ भारत अभियान की फजीहत का। हम बात कर रहे हैं कानपुर के धार्मिक स्थल परमट घाट स्थित आन्नदेश्वर मंदिर की। आप यह सोच रहे होंगे हम मंदिर के मुद्दें में क्या बकैती झेलने जा रहे हैं परेशान होने का जरूरत नहीं मुद्दा है ही ऐसा।

यह मंदिर अपनी गरिमा के साथ शहर के सभी भौकाली लोगों का स्थल भी है, चाहें काउनौ विधायक, मंत्री हो या सांसद सभी यहां आकर दर्शन करके अपनी अर्जी लगाते हैं लेकिन इन लोगों को मंदिर की अर्जी नहीं सुनाई देती है या इन्होंने सुनना बंद कर दिया है।
जहां प्रधानमंत्री मोदी चीख-चीखकर पानी बचाने की गुहार लगा रहे हैं और खुद कानपुर का जलस्तर दिनों-दिन नीचे गिर रहा है वहां पर कुछ तथाकथित भक्त बिना इस बात की चिंता करें धड़ल्ले से पानी की मोटी धार बहाएं दे रहे हैं वो भी यह बिना सोचें कि जल बिन कल नहीं है और बड़े जबर तरीके से मंदिर में पूजा कर रहे भक्तों का जीना और पूजा करना भी हराम कर रहे हैं।

वहीं जहां हर सरकार बालमन को लेकर हर दिन इतिहास रचने का दावा करती है वहां यह मंदिर सच में इतिहास रच रहा है यहां पर गंगा किनारे फैली गंदगी में अपना बचपन ढूढ़ते बच्चे और इतने दावों के बाद गंगा के पास साफ-सफाई देखकर जी कर रहा है कि गंगा में कूदकर ही जान दे दें। यहां गंदगी का आलम यह है कि गेट से घुसते ही गौ माता का अमूल्य जीवन दायनी गोबर आपका स्वागत करेगा। हां संभलकर ऐसा न हो इस पर पांव रख आप खुद इतिहास बन जाएं और सीधा भोलेनाथ के पास। बाकी कुछ भक्त तो इतने श्रद्धावान है कि गाड़ी को मंदिर के अंदर तक ले जाते हैं इनका बस नहीं चलता नहीं तो भोलेनाथ के बगल में ही लगा दें।

यह सब हो गई बकैती मुद्दें की बात यह है कि इस मंदिर में विधायक, सांसद, मेयर, डीएम समेत सभी लालफीताशाही वाले अधिकारी आते हैं शायद वो इतने भक्ति में इतने लीन होते हैं कि उनको कुछ दिखता नहीं या वो कुछ देखना नहीं चाहते हैं। यह सभी गणमान्य लोग कई बार स्वच्छता के लिए गला फाड़- फाड़कर ऐसे चीखते हैं मानो यह न होते तो आज कानपुर में कचरे के सिवा कुछ न होता है, लेकिन बेचारे यहां कि गंदगी देख नहीं पाते नहीं तो मजाल है इतनी गंदगी हो और नेताजी को रोटी हजम हो जाएं। यह नेता झाडू लेकर फोटो खिंचाने ऐसे पहुंच जाते हैं कि एक ही दिन में पूरा शहर साफ कर देंगे लेकिन स्थिति यह फोटो साफ बयां कर रही हैं।

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