अपने खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट पर बोलें जस्टिस अरुण मिश्रा कहा, “मेरी छवि खराब करने की कोशिश, ईश्वर के सामने मेरी निष्ठा साफ”…

खबर-सार

दिल्ली डेस्क।
पांच बिंदुओं में खबर-सार
. सुप्रीम कोर्ट में भूमि अधिग्रहण अधिनियम के प्रावधान की सुनवाई करने वाली संविधान पीठ का नेतृत्व करने वाले जस्टिस अरुण मिश्रा ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को लेकर बयान किया
. सोशल मीडिया में जस्टिस मिश्रा पर पक्षपात का संदेह जाहिर करते हुए मामले की सुनवाई से अलग करने के लिए कहा गया था
.उन्होंने कहा कि “मेरे विचार को लेकर मेरी आलोचना की जा सकती है, मैं हीरो नहीं हो सकता मैं एक कंलकित व्यक्ति हो सकता हूं लेकिन, यदि मैं संतुष्ट हूं कि मेरा विवेक सही है, मेरी निष्ठा ईश्वर के समक्ष साफ है, तो मैं हटने वाला नहीं हूं”
. बता दें कि उनकी यह टिप्पणी वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान की अपील पर थी, जिसमें दीवान ने कहा था कि अगर मिश्रा मामले भूमि अधिग्रहण अधिनियम के प्रावधान की व्याख्या की सुनवाई करते हैं तो कुछ गड़बड़ हो सकती है
. मिश्रा की संविधान पीठ पर भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजे एवं पारदर्शिता का अधिकार, पुनर्वास अधिनियम 2013 ( भूमि अधिग्रहण कानून 2013) के सेक्शन 24 के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दो परस्पर विरोधी फैसलों को सही करने का जिम्मा है


अपनी राय, लेख और खबरें हमें नीचे कमेंट पेटी या the.journalistss1@gmail.com या व्हाट्सएप 6269177430 के जरिये भेजें.

फेसबुकट्विटरयूट्यूब  हमसे जुड़ें|

Leave a Reply