इन वजहों से डेमोक्रेसी इंडेक्स में 10 पायदान नीचे आया भारत…

स्वदेश

नेशनल डेस्क। 2019 चुनाव के बाद से ही मोदी सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है, जिसकी वजह से जहां सालों पुरानी कश्मीर समस्या कोे हल करते हुए सरकार ने धारा 370 और 35 ए हटाने का काम किया। वहीं ‘सीएए ने अप्रवासियों को भारत में बसने का मौका दिया। सरकार के इन फैसलों ने जहां समाज का एक वर्ग खुश नजर आ रहा है वहीं दूसरा वर्ग न खुश होने के साथ इसके विरोध में भी खड़ा हो गया। इन सभी उथल-पुथल के बीच डेमोक्रेसी इंडेक्स 2020 ने अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए है। इंडेक्स में भारत 10 पायदान नीचे आकर 51वें स्थान पर आ गया है। जो अभी तक के अपने सबसे निचले स्थल पर है। 2019 में भारत का डेमोक्रेसी स्कोर 6.9 रहा, जो 13 साल में सबसे निचले स्तर पर है। द इकोनॉमिस्ट ने मंगलवार को 165 देशों की डेमोक्रेसी लिस्ट जारी की।

“रिपोर्ट के मुताबिक, कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और नागरिकता संशोधन कानून लागू करने की वजह से भारत के डेमोक्रेसी स्कोर में गिरावट आई। “

इन बिंदुओं के आधार पर जारी की जाती है डेमोक्रेसी इंडेक्स
द इकोनॉमिस्ट ने 2006 में डेमोक्रेसी इंडेक्स जारी करना शुरू किया था। तब से अब तक 13 साल में यह भारत का सबसे कम डेमोक्रेसी स्कोर है। 2014 में यह सबसे ज्यादा 7.92 था।

  • चुनावी प्रक्रिया और अनेकता की स्थिति
  • सरकार की कार्यप्रणाली
  • राजनीतिक भागीदार
  • राजनीतिक संस्कृति
  • सामाजिक स्वतंत्रता 

यह रहे इंडेक्स में नीचे आने के कारण

रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी बिंदुओं के आधार पर देखा जाए तो 2019 भारत के लिए बेहद उथल-पुथल भरा साल रहा। भाजपा सरकार ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा लिया। नागरिकता संशोधन कानून लागू किया। सरकार के इन ऐतिहासिक फैसलों ने राजनीतिक टकराव पैदा किया। सीएए को पूरे देश में भेदभाव भरे कानून के तौर पर देखा गया। इन सबका असर 2019 में भारत में सामाजिक स्वतंत्रता और उसकी लोकतांत्रिक स्थिति पर पड़ा।

भारत के डेमोक्रेसी स्कोर में 13 साल में कितनी गिरावट

साल डेमोक्रेसी स्कोर
2006 7.68
2008 7.8
2010 7.28
2011 7.3
2012 7.52
2013 7.69
2014 7.92
2015 7.74
2016 7.81
2017 7.23
2018 7.23
2019 6.9

पहले स्थान पर नॉर्वे

इस सूची में पहले स्थान पर नॉर्वे का नाम है। उसके बाद आइसलैंड और स्वीडन का नंबर आता है। शीर्ष 10 में अन्य देशों में चौथे स्थान पर न्यूजीलैंड, फिनलैंड (5वें), आयरलैंड (6वें), डेनमार्क (7वें), कनाडा (8वें), ऑस्ट्रेलिया (9वें) और स्विट्जरलैंड (10वें) शामिल हैं। 

आखिरी स्थान पर उत्तर कोरिया

इस सूची में उत्तर कोरिया 167 वें स्थान पर वैश्विक रैंकिंग में सबसे नीचे है। इस सूची में पाकिस्तान 4.25 के स्कोर के साथ 108वें स्थान पर है, जबकि श्रीलंका 6.27 के स्कोर के साथ 69वें स्थान  और बांग्लादेश 5.88 स्कोर के साथ 80वें स्थान पर है।

चीन की स्थिति भी खराब

2019 के सूचकांक में चीन का स्कोर गिरकर 2.26 हो गया है और वह वैश्विक रैंकिंग में अब 153 वें स्थान पर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ सालों में, विशेष रूप से शिनजियांग के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव तेज हो गया है। 2019 में जनता की डिजिटल निगरानी जारी रही जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बाधा को दर्शाती है।


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