यहां फंसे हैं भारतीय स्टूडेंट्स, नहीं है खाने-पीने की व्यवस्था सरकार से कर रहे हैं बचाने की अपील…

विदेशी-बकैती

नई दिल्ली डेस्क।  कोरोनावायरस से चीन में अब तक 107 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए सरकार ने कोशिशें तेज कर दी हैं। डीजीसीए ने एयर इंडिया के विमान को वहां जाने की मंजूरी दे दी है। इस बीच वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित वुहान की साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी में फंसे 8 भारतीय छात्रों ने सरकार से अपील की है कि उन्हें जल्द वापस भारत लाने की व्यवस्था की जाए। छात्रों ने कहा कि हमारा खाना और पानी खत्म हो रहा है। 

वहीं, भारतीय दूतावास ने इन छात्रों को भरोसा दिलाया है कि हर संभव मदद की जाएगी। ये छात्र असम, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर के हैं। भारत में अब तक कोरोनावायरस के संक्रमण की आशंका के चलते केरल में 436, महाराष्ट्र में 6, दिल्ली में 3 और हरियाणा में 2 लोगों को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।

वुहान में फंसे छात्रों ने कहा- केवल 2 घंटे बाहर जाने की इजाजत, पर सारी दुकानें बंद

  • वुहान यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले असम निवासी 22 वर्षीय छात्र गौरव नाथ ने न्यूज एजेंसी को फोन पर बताया कि लॉकडाउन के चलते दुकानें और परिवहन सेवाएं बंद हैं और इससे हमें समस्याएं आ रही हैं।
  • “कोरोनावायरस के चलते हमें कमरों के अंदर रहने के निर्देश दिए गए हैं। हमें जरूरत का सामान लाने के लिए दिन में केवल दो घंटे बाहर जाने की इजाजत है, लेकिन पूरा शहर बंद है। सभी दुकानें बंद हैं। जरूरी सामान खत्म हो रहा है। पानी और खाना भी खत्म हो रहा है।’
  • नाथ ने कहा- भारतीय दूतावास लगातार हमारे संपर्क में है। हम भारत सरकार से अपील करते हैं कि हमें जल्द से जल्द यहां से बाहर निकाला जाए।
  • भारतीयों चीन से वापस लाने के लिए कार्रवाई तेज, डीजीजीए ने एयर इंडिया के विमान को जाने की मंजूरी दी
  • केरल में 436, महाराष्ट्र में 6, दिल्ली में 3 और हरियाणा में 2 लोग संक्रमण की आशंका के चलते ऑब्जर्वेशन में रखे गए
  • चीन में बीते 24 घंटे में 1300 नए मामले सामने आए, हुबेई प्रांत में सबसे ज्यादा 100 लोगों की मौत 

दुनियाभर में संक्रमण के 4515 मामलों की पुष्टि

चीन में बीते 24 घंटे में 1300 नए मामले सामने आए। चीन के हेल्थ कमीशन ने सोमवार को बताया कि हुबेई प्रांत में सबसे ज्यादा 100 लोगों की जान गई है। दुनियाभर में अब तक कोरोनावायरस से संक्रमण के 4515 मामलों की पुष्टि हुई। इनमें 4409 सिर्फ चीन में हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय को सबसे ज्यादा असर वाले वुहान शहर में फंसे भारतीयों की सही संख्या पता नहीं है। हालांकि, इन्हें निकालने के लिए एयर इंडिया का जंबो जेट तैयार है। बस सरकार से निर्देश मिलने का इंतजार है।
 

म्यांमार ने भारत की सीमा पर स्क्रीनिंग डिवाइस लगाई

म्यांमार ने भारत के साथ लगने वाली सीमा पर कोरोनावायरस स्क्रीनिंग डिवाइस लगाई है। म्यांमार के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि भारतीय नागरिकों की स्क्रीनिंग के लिए सीमा पर संक्रमण जांचने के लिए डिवाइस लगाई गई है। मणिपुर के मोरेह के जरिए लोग म्यांमार में प्रवेश करते हैं। मोरेह भारत और म्यांमार के बीच व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है। अधिकारी ने कहा कि भारतीय नागरिकों को व्यापार के लिए हर दिन म्यांमार के अंदर 16 किमी अंदर जाने की अनुमति है। हालांकि, उन्हें शाम 4 बजे तक भारत लौटना होता है।

वुहान में लगभग 300 छात्रों के फंसे होने की आशंका

वुहान में 600 से ज्यादा भारतीय पढ़ते हैं। लेकिन नववर्ष की छुट्टियाें के कारण उनमें से ज्यादातर भारत लौट चुके हैं। 250 से 300 के अब भी वहां होने की आशंका है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि चीन जाने वाले सभी भारतीय काउंसलेट में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाते। ऐसे में लोगों की सही संख्या पता लगाना मुश्किल है। हर छात्र को फोन कर जानकारी ले रहे हैं। वहीं, अमेरिका आज विशेष विमान से वुहान में फंसे अपने नागरिकाें काे एयरलिफ्ट करेगा।

‘पानी की बोतल 1500 रुपए में मिल रही’

चीन से लौटीं सूरत की सिद्धि पंड्या ने सोमवार को बताया, ‘‘मैं 12 जनवरी को चीन से दिल्ली रवाना हुई थी। 16-17 को वहां कोरोनावायरस फैलने की सूचना मिली। वुहान में मेरे दोस्त काफी मुश्किल में हैं। उन्हें अभी घर से निकलने की अनुमति नहीं है। चीन में एक सप्ताह लायक राशन से ज्यादा संग्रह नहीं कर सकते। ऐसे में स्टॉक खत्म होना स्वाभाविक है। खाने की चीजें दोगुने से भी ज्यादा महंगी हो गई हैं। दोस्तों ने बताया कि दो से तीन युआन वाली पानी की बोतल 150 युआन यानी करीब 1500 रुपए में मिल रही है। सूरत लौटने के बाद विदेश मंत्रालय ने फोन करके मेरी तबीयत के बारे में पूछा। अब मेरी नियमित रूप से जांच हो रही है।’’

चीन के 13 शहरों में आवाजाही पर रोक

चीन से लौटे जयपुर में एक छात्र, हैदराबाद में चार और बिहार में एक युवती को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 13 जनवरी को वुहान से लौटे उज्जैन के एक छात्र को मां के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक भारत में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत 7 हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। चीन ने वुहान समेत 13 शहराें से लाेगाें के निकलने पर पाबंदी लगा रखी है। गुजरात और केरल के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र से भारतीयों काे निकालने की मांग की है।

कोरोनावायरस के मामले

दक्षिण-पूर्व एशियाई देश फिलीपींस ने मंगलवार को एहतियातन चीनी नागरिकों को वीजा जारी करने पर रोक लगा दी। फिलीपींस में अभी तक संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। श्रीलंका, कनाडा और जर्मनी में कोरोनावायरस से संक्रमण का पहला मामला सामने आया है। सोमवार तक थाईलैंड में 8, दक्षिण कोरिया और जापान में 4-4, अमेरिका, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया में 5-5, वियतनाम में 2, मलेशिया में 3, फ्रांस में 3, मकाऊ में 6 मामलों की पुष्टि हुई है।

जैविक हथियारों की रिसर्च से तो नहीं जुड़ा यह वायरस?
इजराइल के पूर्व मिलिट्री इंटेलिजेंस अधिकारी डैनी शोहम ने आशंका जताई है कि वुहान की लैबोरेट्री में जैविक हथियारों पर चोरी-छिपे चल रही रिसर्च में ही कोरोनावायरस पैदा हुआ होगा। वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी चीन का सबसे उन्नत वायरस रिसर्च संस्थान है।


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